Amir Hamza Shot in Pakistan News: पाकिस्तान के लाहौर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सह-संस्थापक और हाफिज सईद के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, मौलाना अमीर हमजा (Maulana Amir Hamza) पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की है। रिपोर्टों के अनुसार, हमजा को गंभीर हालत में लाहौर के एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर भारत के ‘मोस्ट वॉन्टेड’ आतंकियों और उनके आकाओं को एक-एक करके निशाना बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘अज्ञात हमलावर’ (Unknown Men) चर्चा का केंद्र बन गए हैं।
1. हमले की पूरी कहानी: लाहौर के सुरक्षित इलाके में सेंध
अमीर हमजा, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य रणनीतिकार और प्रचारक माना जाता है, अपने घर के पास ही हमले का शिकार हुआ।
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फायरिंग और अफरातफरी: चश्मदीदों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर आए दो नकाबपोश हमलावरों ने हमजा की गाड़ी को घेरकर गोलियां बरसाईं। हमले के बाद हमलावर आसानी से फरार होने में सफल रहे।
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ISI की सुरक्षा के बीच हमला: अमीर हमजा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की कड़ी सुरक्षा प्राप्त थी। ऐसे में लाहौर जैसे सुरक्षित शहर में उस पर हमला होना पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है।
2. कौन है मौलाना अमीर हमजा? (Who is Amir Hamza?)
अमीर हमजा केवल एक धार्मिक उपदेशक नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा की नींव रखने वाले लोगों में से एक है।
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हाफिज सईद का दायां हाथ: हाफिज सईद के बाद हमजा को लश्कर का दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता है। वह संगठन के प्रकाशन विभाग का प्रमुख था और युवाओं को जिहाद के नाम पर बरगलाने का काम करता था।
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ग्लोबल टेररिस्ट: अमेरिका ने 2012 में ही अमीर हमजा को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया था। उस पर लश्कर के लिए फंड जुटाने और भारत विरोधी गतिविधियों की साजिश रचने के कई आरोप हैं।
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IISc बेंगलुरु हमला: 2005 में बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी अमीर हमजा को ही माना जाता है।
3. ‘अज्ञात हमलावरों’ का खौफ: पाकिस्तान में आतंकियों का सफाया
अमीर हमजा पर हुआ यह हमला कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय में पाकिस्तान के सुरक्षित पनाहगाहों में छिपे आतंकियों की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला जारी है:
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सैफुल्लाह खालिद: हमजा पर हमले से ठीक कुछ दिन पहले ही लश्कर के रिक्रूटर सैफुल्लाह खालिद को सिंध में गोलियों से भून दिया गया था।
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अकरम गाजी: लश्कर के एक और टॉप कमांडर अकरम गाजी की भी अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी।
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परमजीत सिंह पंजवड़ और शाहिद लतीफ: खालिस्तानी आतंकी पंजवड़ और पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की भी इसी तरह ‘अनजान’ लोगों ने हत्या की है।
[Image depicting a high-security hospital area in Lahore with Pakistani military presence]
4. पाकिस्तान का दोहरा चेहरा और आंतरिक दबाव
पाकिस्तान हमेशा से इन आतंकियों को ‘धार्मिक विद्वान’ बताकर सुरक्षा देता रहा है। अमीर हमजा का सैन्य अस्पताल में भर्ती होना और ISI का उसे कवर देना एक बार फिर साबित करता है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद आतंकियों का समर्थन करना बंद नहीं कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले या तो आतंकी संगठनों के बीच की आपसी रंजिश (Internal Rift) का नतीजा हैं, या फिर कोई ‘अदृश्य शक्ति’ एक-एक करके भारत के दुश्मनों का सफाया कर रही है।
5. भारत के लिए इसके क्या मायने हैं?
भारत के लिए अमीर हमजा जैसे आतंकियों का कमजोर होना या मारा जाना एक बड़ी कूटनीतिक और सुरक्षात्मक जीत है। 26/11 मुंबई हमले और कश्मीर में उग्रवाद फैलाने वाले चेहरों का इस तरह अंत होना सीमा पार आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
अमीर हमजा पर हुआ हमला पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना दर्शाती है कि अब पाकिस्तान के भीतर भी आतंकी सुरक्षित नहीं हैं। क्या यह हमलावरों की कोई सोची-समझी रणनीति है या पाकिस्तान की अपनी धरती पर पल रहे भस्मासुर अब उसी को डस रहे हैं? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
मौलाना अमीर हमजा, लश्कर-ए-तैयबा का सह-संस्थापक, पाकिस्तान के लाहौर में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल। क्या पाकिस्तान में ‘अज्ञात हमलावरों’ का मिशन जारी है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।